
राज्य सरकार ने Ajit Pawar प्लेन क्रैश मामले की जांच Maharashtra State CID को सौंप दी है। CID के आईजी सुनील रामानंद के अनुसार, जांच सिर्फ एक्सीडेंट तक सीमित नहीं रहेगी। इसमें क्रिमिनल कॉन्सपिरेसी, क्रिमिनल नेग्लिजेंस और अन्य संभावित आपराधिक पहलुओं को भी शामिल किया गया है।
राजनीतिक गलियारों में सवाल यही है “क्या यह महज हादसा था या कहानी में कोई और ट्विस्ट?”
फोरेंसिक और टेक्निकल जांच: कई एजेंसियां मैदान में
जांच को वैज्ञानिक आधार देने के लिए BJ Government Medical College के फोरेंसिक विभाग और Forensic Science Laboratory Pune को शामिल किया गया है।
साथ ही तकनीकी कारणों की पड़ताल के लिए Aircraft Accident Investigation Bureau के साथ समन्वय स्थापित किया गया है।
“जब फाइलें मोटी होती हैं, तो सच्चाई अक्सर और पतली दिखने लगती है।”
रोहित पवार के सवाल: पारदर्शिता या राजनीति?
एनसीपी (शरद पवार गुट) के विधायक Rohit Pawar लगातार जांच की पारदर्शिता पर सवाल उठा रहे हैं। उन्होंने मुंबई के Marine Drive और Baramati पुलिस स्टेशनों में एफआईआर दर्ज कराने की कोशिश की, हालांकि पुलिस ने औपचारिक एफआईआर के बजाय लिखित शिकायत स्वीकार की।

यह घटनाक्रम उस वक्त और दिलचस्प हो जाता है जब इसे Nationalist Congress Party की आंतरिक राजनीतिक हलचल से जोड़कर देखा जा रहा है।
एक्सीडेंटल डेथ से कॉन्सपिरेसी एंगल तक
घटना के बाद प्रारंभिक रूप से Accidental Death Report (ADR) दर्ज की गई थी। लेकिन जैसे-जैसे राजनीतिक बयानबाजी तेज हुई, जांच का फोकस “हादसे” से आगे बढ़कर “संभावित साजिश” की तरफ मुड़ता दिख रहा है।
“भारत में राजनीति कभी खाली सीट नहीं छोड़ती — चाहे वह विधानसभा की हो या सुर्खियों की।”
अब क्या होगा
- फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार
- टेक्निकल ऑडिट की समीक्षा
- संभावित आपराधिक धाराओं में केस दर्ज होने की संभावना
- कोर्ट में चार्जशीट दाखिल होने की प्रक्रिया
जांच एजेंसियों का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी। तब तक सवाल हवा में हैं — और राजनीति जमीन पर।
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